laung khane se kya hota hai( लौंग खाने से क्या होता है?

ज्यादातर लॉन्ग का इस्तेमाल मसालों के रूप में किया जाता है जो कि प्राचीन समय से ही चला रहा है लॉन्ग का इस्तेमाल खानों में स्वाद बढ़ाने और खुशबू सुगंध के लिए भी किया जाता है इसके अलावा पुराने जमाने के बाद जब लॉन्ग का सेवन औषधि के रूप में भी किया करते थे l

जिन लोगों को लॉन्ग का इस्तेमाल सिर्फ मसालों में करना होता है उनके मन में अक्सर यह सवाल आता है कि, laung khane se kya hota hai( लौंग खाने से क्या होता है? और इन सारे सवालों का जवाब आपको आज की पोस्ट में मिल जाएगा इतने सारे लॉन्ग के फायदे आपको पता चलेगा कि आप हैरान रह जाओगे ,

इससे पहले की laung khane se kya hota hai( लौंग खाने से क्या होता है?, की जानकारी आपको दे उससे पहले आपको यह जानना जरूरी है कि लॉन्ग क्या होता है?

लौंग क्या होता है? what is clove?

लौंग सदाबहार के पेड़ की फूलों की कली है तथा इसको अधिकतर मसालों के रूप में सदियों से इस्तेमाल किया जाता रहा है l इसका वैज्ञानिक नाम (Syzygium Aromaticam) सीजिजियम अरोमैटिकम है l लोंग के पौधे को लगाने के लगभग 6 साल बाद पौधे में फूल की कली निकलना शुरू होता है l जिसको फुल बनने से पहले ही तोड़कर तेज धूप में सुखा लिया जाता है l

लौंग सदाबहार के पेड़ की फूलों की कली है तथा इसको अधिकतर मसालों के रूप में सदियों से इस्तेमाल किया जाता रहा है l इसका वैज्ञानिक नाम (Syzygium Aromaticam) सीजिजियम अरोमैटिकम है l लोंग के पौधे को लगाने के लगभग 6 साल बाद पौधे में फूल की कली निकलना शुरू होता है l जिसे तोड़ कर सुखा लिया जाता हैl , अमित करते हैं अब आपको अच्छे से पता चल गया होगा लॉन्ग क्या होता है अब नीचे के artical मे हम आपको हम बताएंगे laung khane se kya hota hai( लौंग खाने से क्या होता है?

अक्सर लॉन्ग का सेवन करने वाले लोगों के मन में यह सवाल आता है,laung khane se kya hota hai( लोंग खाने से क्या होता है?) क्या लॉन्ग सिर्फ एक मसाला ही है या फिर इसके और भी फायदे हैं आज के इस पोस्ट में हम आपको इन सवालों का जवाब देंगे

laung khane se kya hota hai( लोंग खाने से क्या होता है?)

इसके क्या फायदे हैं जो जाने से पहले हम आपको थोड़ा सा लॉन्ग के बारे में बताते चलें यह कहां होता है इसके क्या क्या फायदे हैं और किस प्रकार उगाया जाता है l

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लौंग की खेती


लौंग की खेती  देश के लगभग सभी हिस्सों में होती है l मगर लौंग की खेती के लिए तटीय रेतीला इलाका बिल्कुल सहायक नहीं होता है l भारत में लोंग की खेती के लिए केरल की लाल मिट्टी सबसे उपजाऊ है उपजाऊ है l इसके अलावा विश्व भर में सबसे अधिक लोगों की खेती मिश्र और तंजानिया में किया जाता है l लौंग के पौधे के लिए बारिश की सामान्य रूप से जरूरत होती है l

लौंग के पौधे के विकास के  लिए सामान्य तापमान 10 डिग्री सेंटीग्रड से ज्यादा का तापमान होना चाहिए राम का पौधा रोकने के बाद उसकी लंबाई जब 4 फीट ऊंचा हो जाता है तो उसको दूर-दूर वर्षा होने से पहले दूर-दूर अलग-अलग स्थानों पर लगा दिया जाता है l इन पौधों को तेज धूप तथा तेज हवा नुकसान पहुंचाता है इसलिए पौधों के लिए जलवायु का सामान्य होना आवश्यक है l

लौंग के पौधे पर 6 साल के बाद कली लगना शुरू हो जाता है l लौंग के पेड़ पर लगभग 12 वर्ष से 25 वर्ष तक अच्छी उपज होती है l किंतु जैसे जैसे पेड़ पुराना होता जाता है l लौंग की उपज भी कम होती जाती है l लौंग का फल गुच्छे में लाल रंग के खिलते हैं l मगर इसका फूल बनने से पहले ही इसकी कली को तोड़ दिया जाता है l तथा इसे तेज धूप में सुखा लिया जाता है l या फिर जस्ते की प्लेट पर भून लिया जाता है l

laung khane se kya hota hai( लौंग खाने से क्या होता है? )

लौंग हमारे शरीर के लिए हर लिहाज से फायदेमंद होता है l चाहे इसको मसालों के तौर पर इस्तेमाल किया जाए या फिर इसको औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाए यह हर तरीके से हमारे लिए फायदेमंद होता है l अधिकतर लोग लौंग को मसालों के रूप में इस्तेमाल करते हैं l मगर उन्हें यह नहीं पता होता है l कि यह एक छोटे आकार का लौंग औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है l

लोंग खाने से होने वाले फायदे-

लौंग के अंदर पाए जाने वाले औषधि गुण काफी सारी बीमारियों से हमारे शरीर की रक्षा करता है l तथा कई सारी बीमारियों का जड़ से नाश करता है l लौंग का इस्तेमाल सर्दी खांसी में खास तौर पर किया जाता है l क्योंकि लौंग की की तासीर गर्म होती है l

इसके अलावा लौंग के फूल में बहुत ज्यादा ही गर्मी होती है l इसको चबाने से गला साफ होता है l इसका उपयोग दांतो के दर्द के लिए काफी प्रभावशाली माना जाता है l हमारे शरीर के लिए इन बीमारियों में और किन किन बीमारियों में फायदेमंद है सेहत बनाओ के इस लेख में l


1.दांत के दर्द के लिए


लौंग के अंदर बैक्टीरिया मारने का गुण पाया जाता है l जिसके कारण यह दांतो के लिए काफी मुफीद होता है l दांत दर्द से राहत पाने के लिए लौंग के तेल का इस्तेमाल प्राचीन काल से किया जाता रहा है l इसके अलावा लौंग का कुछ मिश्रण टूथपेस्ट में भी डाला जाता है l इसलिए कि यह दर्द निवारण है l तथा खासतौर पर दांतो के दर्द के लिए बहुत ही प्रभावशाली नुस्खा है l

अगर किसी के दातों में तेज दर्द हो रहा है l और दांतो की वजह से सर में भी दर्द होता है l तो उसको चाहिए कि तो थोड़ी सी कॉटन के रुई में दो से तीन बूंद लौंग का तेल डालकर दर्द वाले दांतों में दबाकर कुछ देर के लिए छोड़ दे इससे दांत और सर के दर्द में काफी आराम मिलेगा


2.साइनस के लिए l


लौंग का इस्तेमाल नाक में जलन से राहत दिलाने में बहुत ही उपयोगी माना गया है l यह साइनस से काफी हद तक छुटकारा दिला सकता है l साइनस से छुटकारा पाने के लिए अपनी नाक में कुछ समय के लिए भुना हुआ लॉन्ग सूंघने से काफी आराम मिलता है l

इसके अलावा सांस लेने की समस्या से छुटकारा पाने के लिए एक गिलास गर्म पानी में 8 से 10 बंद लौंग का तेल पानी में मिलाकर पीने से इंफेक्शन खत्म हो जाएगा तथा सांस लेने में आसानी हो जाएगी

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3 . डाइजेशन सिस्टम के लिए l


अपनी डेली के डाइट में लौंग शामिल करने से डाइजेशन सिस्टम को ठीक करने में काफी फायदेमंद होता है l लौंग गैस्ट्रिक रक्त रस किस राह में सुधार लाकर पाचन की प्रक्रिया को सुधार करें सुधरता है लौंग का सेवन करने से पेट संबंधी कई समस्याएं समस्याओं में आराम मिलता है l लौंग का सेवन गैस, अपच ,उल्टी, तथा पेट में जलन में काफी राहत देता है l

लोंग का उपयोग करने से भोजन में करने से स्वाद में वृद्धि होती है l जिसके कारण इसका स्वाद पाचन एंजाइमों किस रोग को उत्तेजित करता है तथा पाचन प्रक्रिया में सहायता करता है l लौंग का सेवन भूख को बढ़ाता है l तथा भूख में रुचि पैदा करता है l इसके साथ ही एसिडिटी पेट फूलना इन तमाम समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है l

लौंग पेट के कीड़ों को भी खत्म करता है l लौंग पाचन तंत्र में इकट्ठा होने वाली गैस को खत्म करता है l लौंग के पाउडर का सेवन शहद में मिलाकर किया जाए तो डाइजेशन सिस्टम काफी हद तक सुधार हो सकता है l


4.अस्थमा के लिए l


लौंग की सुगंध नाक की नाली को साफ करने में मदद करता है l इसके साथ ही खांसी, जुकाम ,अस्थमा, साइनस ब्रोकाइटिस जैसी समस्याओं में काबू पाने में मदद करता है l लौंग के अंदर यूजिनॉल कंपाउंड पाया जाता है l जिसके कारण लौंग अस्थमा के लिए अच्छा माना गया है l शोधों के मुताबिक यूजिनॉल एंटीअस्थमेटिक प्रभाव को प्रदर्शित करता है l जिसके कारण लौंग अस्थमा की वजह से होने वाली परेशानी को कम कर सकता है l
अगर किसी को अस्थमा की समस्या है l तो उसको चाहिए कि लौंग के साथ लहसुन और शहद मिलाकर कुछ मात्रा में इसका सेवन करे इससे अस्थमा में काफी आराम मिलेगा l

लौंग का इस्तेमाल कैसे किया जाता है ?


लौंग का इस्तेमाल अनेकानेक रोगों के लिए अलग-अलग तरीकों से किया जाता है l इसके अलावा लौंग का अधिकतर इस्तेमाल मसालों में किया जाता है l लौंग को हर दर्द का साथी माना जाता है आइए देखते हैं l


दर्द और बीमारियों में laung khane se kya hota hai( लौंग खाने से क्या होता है?


1.सर्दी जुकाम से राहत पाने के लिए लौंग को  भूनकर रुमाल में बांधकर सूंघने से रुमाल में बांधकर सूंघने से काफी राहत मिलता है


2.दांत दर्द के लिए तो लौंग के तेल को विश्व भर में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है l लौंग के तेल के कुछ कतरे डायरेक्ट दातों में डाल सकते हैं l या फिर इसकी इसकी गंध तथा इसका स्वाद बहुत ही तगड़ा होता है l जिसके कारण कुछ लोग इसे बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं l इसलिए लौंग के तेल को कॉटन की रूई में डालकर दांतो के नीचे रखा जाता है l

3.अधिकतर लोग सर के दर्द से परेशान होते हैं l ऐसे में लौंग के तेल का इस्तेमाल प्रभावित जगह पर लगा कर दुपट्टे से बांध दिया जाए तो बहुत ही जल्द आराम मिल जाता है l


4.छोटे बच्चों में खांसी तथा जकड़न की समस्या अक्सर देखी जाती है l इसके लिए गाय के दूध में लौंग के फूल का पाउडर बनाकर एक चुटकी पाउडर डालकर दूध को उबालकर पिलाया जाए तो काफी आराम मिल सकता है l

5.लौंग का उपयोग टूथपेस्ट तथा टूथ पाउडर में भी किया जाता है l इसके अलावा दांत दर्द के रोगियों को चाहिए कि अपने टूथपेस्ट में थोड़ा सा लौंग का पाउडर मिलाकर दांतो की सफाई करें यह मसूड़ों की सूजन को कम करेगा तथा दांतों के दर्द में आराम देगा l


लौंग को उबालकर माउथ फ्रेशनर की जगह पर उपयोग किया जाता है l
खाने में लौंग का सेवन
  • खाने में लौंग की मात्रा कुछ मात्रा डाल देने से खाना बहुत ही स्वादिष्ट तथा पचने में सहायक हो जाता है l
  • हलवे में लौंग का तड़का देने पर हलवा की खुशबू तथा टेस्ट अच्छा हो जाता है l

लौंग की चाय बनाकर पीने से दिमाग को सुकून मिलता है l तथा तनाव दूर होता है l

  • चिकन मटन तथा और भी मसालेदार सब्जियों के मसाले के साथ लौंग के पाउडर को मिला देने से चिकन तथा मटन की दुर्गंध खत्म हो जाता है l

खाना खाने के बाद एक या दो लौंग को डायरेक्ट चबाकर खाने से खाना आसानी से पच जाता है l


लौंग के अन्य नाम l


लौंग को अंग्रेजी में (clove) कहा जाता है l तथा मराठी कन्नड़ और उर्दू में लौंग को लावंग कहा जाता है l
लौंग का वैज्ञानिक नाम (Syzygium arumaticim) सिजीजियम अरुमेटिकम है
l

लोंग के नुकसान Sideeffe if vlove


लौंग एक ऐसा मसाला है l जिसको नियमित रूप से तथा सीमित मात्रा में लिया गया तो यह कभी नुकसान नहीं कर सकता है l लौंग के फायदे अधिक है l नुकसान बहुत कम है l मगर शर्त यह है l कि इसको सही समय पर सही ढंग से सेवन किया जाए
लौंग का अधिक सेवन करने से क्या क्या नुकसान हो सकते हैं l

आइए जानते हैं निचे लिखे सेहत बनाओ के इस लेख में l

1.लौंग का अधिक सेवन करने से रक्त अधिक पतला हो जाता है l
2.लौंग का अधिक सेवन लीवर को डैमेज कर सकता है l
3.खाली लौंग को गर्भावस्था के दौरान इस्तेमाल नहीं करना चाहिए
4.लौंग का अधिक सेवन विषाक्तता का कारण बन सकता है l
किसी किसी को लौंग सूट नहीं करता है l जिसके कारण इसका सेवन करने से आंखों में जलन स्किन एलर्जी जैसी समस्या देखने को मिलती है l ऐसे में लौंग का सेवन करना तर्क कर देना चाहिए l


लौंग में पाए जाने वाले तत्व l


नाम के अंदर विटामिन सी, विटामिन K, विटामिन B1, विटामिन B2, विटामिन B4, विटामिन B6, विटामिन B9, फाइबर, कैल्शियम आयरन कार्बोहाइड्रेट सोडियम प्रोटीन मैग्निशियम जिंक का पर बीटा कैरोटीन तैयारी पाया जाता है l


लौंग के अंदर पाए जाने वाले औषधिय गुण l


लौंग में भरपूर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता है l इसके अलावा लौंग के अंदर बैक्टीरिया मारने का गुण भी पाया जाता है l इसके अलावा लौंग के अंदर एंटीमाइक्रोबॉयल गुण और एंटीऑक्सीडेंट का प्रभाव पाया जाता है l लौंग के अंदर एंटीवायरल और एनाल्जेसिक गुण पाया जाता है l जो हमारे शरीर को कई तरह से की एलर्जी और संक्रमण से बचाने में मदद करता है l


अस्वीकृत:

सलाह सहित यह सामग्री laung khane se kya hota hai( लोंग खाने से क्या होता है?) केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है l यह किसी भी तरह किसी तरह चिकित्सक की राय का विकल्प नहीं है l तथा यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है l

हमारे इस आर्टिकल का मतलब लोगों में चीजों के प्रति जागरूकता प्रदान करना है l इसको सामान्य समस्याओं में इस्तेमाल किया जा सकता है l इसकी अधिक जानकारी के लिए चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें l (Sehatbnao.com) इसके लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करती है l