dhage wali mishri ke fayde! धागे वाली मिश्री के फायदे,धागे वाली मिश्री क्या है ?

मिश्री अपने नाम की तरह जितनी मीठी इसके गुण भी इतने ही मगर कुछ लोग dhage wali mishri ke fayde “के बारे में बिल्कुल नहीं जानते हैं l धागे वाली मिश्री हमारे लिए शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद और शीतल होता है l

धागे वाली मिश्री पेट की जलन और पेट की गर्मी को दूर करने के लिए किसी औषधि से कम नहीं है l यही कारण है कि आयुर्वेद में धागे वाली मिश्री को औषधि के साथ और औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है l

सर्दी खांसी की समस्या होने पर तथा गले की खराश होने पर धागे वाली मिश्री किसी उत्तम औषधि से कम नहीं है l यह त्वचा समेत शरीर के कई हिस्सों पर काफी आश्चर्य जनक प्रभाव डालता है l

इसका उपयोग सूजन को कम करने में काफी मददगार होता है ldhage wali mishri ke fayde! किन-किन परिस्थितियों में उठाया जा सकता है l

आईए जानते हैं l नीचे लिखे सेहत बनाओ के इस लेख मेंइससे पहले की हम आपको बता दें कि धागे वाली मिश्री क्या है l और यह कैसे तैयार की जाती है l और धागे वाली मिश्री की पहचान क्या है ?

धागे वाली मिश्री क्या है ? string candy


धागे वाली मिश्री चीनी की तरह ही एक प्रकार का मीठा क्रिस्टल पदार्थ है l मगर इसको तैयार करने का तरीका थोड़ा अलग है l हालांकि चीनी और मिश्री दोनों ही गन्ने के रस से तैयार किया जाता है l मगर धागे वाली मिश्री को ताड़ के रस से भी तैयार किया जाता है l

फर्क इतना है l कि चीनी को रिफाइन कर दिया जाता है l मगर धागे वाली मिश्री को रिफाइन नहीं किया जाता है l
धागे वाली मिश्री आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर होता है l जिसके कारण अगर आप मधुमेह के रोग से ग्रसित है l तो आप चीनी की जगह धागे वाली मिश्री का सेवन कर सकते हैं l

धागे वाली मिश्री की पहचान क्या है l

धागे वाली मिश्री वह होती है l जिसको सिर्फ एक धागे पर क्रिस्टलीकृत किया जाता है l यह चीनी की की अपेक्षा कम मीठा होता है l तथा यह अन्य मिश्री की तुलना में इसके क्रिस्टल साफ दिखाई देते हैं l और धागे वाली मिश्री के अंदर कहीं ना कहीं धागा जरूर होता है l

धागे वाली मिश्री की यही पहचान है l यह सबसे उत्तम और अच्छी क्वालिटी का मिश्री होता है lमिश्री वास्तव में धागे वाली ही (क्रिस्टल )मिश्री होती है l.

धागे वाली मिश्री दरअसल मिश्री नहीं होती बल्कि वह बड़े दाने के आकार वाली चीनी होती है l जो की आम चीनी के जितना ही नुकसानदेह होती है l इसलिए धागे वाली मिश्री का सेवन करना ज्यादा उचित रहता है l

धागे वाली मिश्री के फायदे ldhage wali mishri ke fayde!

1.दिमागी को तनाव मुक्त करता है l

धागा मिश्री को सही मात्रा में लेने से दिमागी तनाव में काफी फायदा मिलता है l अगर आप धागा मिश्री को पानी में मिलाकर घोल बनाकर पी लेते हैं l तो नींद अच्छी आती है l

जब नींद अच्छी आएगी तो दिमाग को शांति मिलती है l तो दिमागी तनाव तथा शारीरिक थकान दूर होने के साथ-साथ यह याददाश्त को भी मजबूत करता है l

2. त्वचा के लिए फायदेमंद l

धागे वाली मिश्री त्वचा के अमृत कोशिकाओं का विनाश करता है l जिससे त्वचा तरोताजा और मुलायम हो जाती है l क्योंकि धागे वाली मिश्री के अंदर कॉलेजन पाया जाता है l

कॉलेजन एक ऐसा प्रोटीन जो त्वचा के लिए बहुत ही आवश्यक होता है l इससे त्वचा के अंदर नमी बनी रहती है l तथा त्वचा की खूबसूरती में इजाफा होता है l

यही कारण है l कि धागे वाली मिश्री के फायदे त्वचा की संबंधी कई सारी समस्याओं में देखे जा सकते हैं

3. नेत्र के स्वास्थ्य के लिए l

धागे वाली मिश्री का इस्तेमाल आंखों के लिए प्राचीन काल से ही एक उत्तम नुस्खा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता रहा है l धागे वाली मिश्री के इस्तेमाल से न केवल आंखों की रोशनी बढ़ती है बल्कि यह आंखों को अनेक बिमारियों से बचाता भी है l

अगर किसी की नजर कमजोर हो गई हो यानी उसे कम दिखाई देता हो तो उसे चाहिए कि 50 ग्राम धागे वाली मिश्री में 50 ग्राम बादाम और 50 ग्राम सौंफ का पाउडर बनाकर रोजाना रात को सोने से पहले एक गिलास दूध में दो चम्मच ये पाउडर के साथ इस्तेमाल करें l

एक महीने में ही आंखों की रोशनी बिलकुल पहले की तरह तेज हो जाएगी और आंखें कई बीमारियों से बची रहेगी l

4. नकसीर फूटने में रक्त की रोकथाम l

नकसीर फूटने की एक खास वजह गर्मी की ज्यादती भी है l जिन लोगों के शरीर का तापमान ज्यादा होता है lतथा जिनके शरीर में गर्मी ज्यादा होती है l

उन लोगों में नकसीर फूटने की समस्या देखी जाती है l ऐसे में धागे वाली मिश्री को पानी में घोलकर पिलाया जाए तो यह शरीर को शीतलता प्रदान करता है l

जिसके कारण शरीर का तापमान सामान्य हो जाता है l और नकसीर फूटने के दौरान रक्त के ब्लीडिंग में राहत मिलती है l

5. एनीमिया में फायदेमंद l

एनीमिया रोग का मुख्य लक्षण शरीर पीला पड़ जाना और शरीर में खून की कमी हो जाना आम बात है l ऐसे में व्यक्ति के शरीर को कई बीमारियों से का खतरा बढ़ जाता है l

ऐसे में एनीमिया के रोगियों को गर्म दवाइयां खास तौर पर अंग्रेजी दवाइयां काफी घातक सिद्ध होती है l जिसके कारण चिकित्सक एनीमिया के रोगियों को ज्यादा से ज्यादा घरेलू तथा नुस्खे तथा ऐसी चीजों को खाने का मशवरा देते हैं l

जिससे खून की कमी पूरी हो शरीर में एनर्जी बने ऐसे में धागे वाली मिश्री का सेवन एनीमिया के रोगियों के लिए किसी औषधि से कम नहीं है l आयुर्वेद में भी ऐसा देखा गया है l कि एनीमिया के रोगियों के लिए कई सारी औषधियां धागे वाली मिश्री के साथ ही खाने की सलाह दी जाती है l

इस नतीजे से यह देखा जा सकता है l कि धागे वाली मिश्री एनीमिया के रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकता है l क्योंकि धागे वाली मिश्री का सेवन हीमोग्लोबिन के स्तर को सुधार करता है l जिसके कारण ब्लड सरकुलेशन की प्रक्रिया सामान्य हो जाती है जो एनीमिया के रोगियों के लिए काफी आवश्यक होता है l

6. लीवर के लिए फायदेमंद

मिश्री का सेवन आंतों को ठंडक पहुंचाने का काम करता है l यही वजह है l कि भारत के अंदर आज भी बहुत से घरानों में खाने के बाद मिश्री का सेवन किया जाता है यह पेट से कब्ज गैस पेट फूलना इत्यादि को कम करता है

तथा खाने को हजम करने में तथा पेट में ठंडक प्रदान करता है l अक्सर बड़े-बड़े होटलों में और कई भारतीय घरानों में भी ऐसा देखा जाता है कि खाने के बाद मिश्री और सौंफ का सेवन किया जाता है l

यह काफी फायदेमंद और उपयोगी होता है जिस के कारण यह देखा गया है कि लिवर को मजबूत करने के लिए धागे वाली मिश्री के फायदे देखे जा सकते हैं l

7. शारीरिक थकान दूर करने के लिए l

धागे वाली मिश्री के अंदर कुछ ऐसे गुण जैसे पाए जाते हैं l जो शरीर को की थकान दूर करके उसे तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है l क्योंकि धागे वाली मिश्री शरीर के अंदर ग्लूकोज की मात्रा बढ़ाता है l

जिसके कारण ऊर्जा शक्ति में इजाफा हो जाता है l कम करने के पश्चात होने वाले थकान और कमजोरी तथा सुस्ती होने पर धागे वाली मिस्त्री का शरबत दिया जाए तो शरीर की थकान दूर हो जाएगी

तथा सस्ती कमजोरी भी दूर हो जाएगी यही नहीं धागे वाली मिश्री शारीरिक और मानसिक थकान दोनों के लिए है फायदेमंद होता है l

8. सांसों की बदबू से छुटकारा दिलाता है l

सांस की दुर्गंध एक ऐसी ना खत्म होने वाली समस्या है l जिसके लिए आप कितने भी महंगे महंगे टूथपेस्ट और कॉलिन इस्तेमाल कर लें मगर यह गंध जड़ से खत नहीं होती है l

ऐसे में इन समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए कई बार लोगों के बीच में शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है l

ऐसे लोगों को चाहिए कि धागे वाली मिश्री को सौंफ और लौंग के साथ पीसकर चूर्ण बना ले इस चूर्ण को रोजाना आधा चम्मच मिश्री का चूर्ण और आधा चम्मच नींबू के रस एक साथ मिलकर थोड़ी-थोड़ी देर पर चाटते रहे इससे मुंह की दुर्गंध बहुत जल्द हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी l

9. बवासीर में फायदेमंद l

बवासीर की समस्या का मुख्य कारण पेट की गर्मी और कब्ज होता है l जब कब्ज पुराना हो जाता है l तो यह पाइल्स का रूप धारण कर लेता है l

ऐसे में कितना भी इलाज कर लो यह समस्या का पूरी तरह से खत्म ही नहीं होती है l इसके लिए धागे वाली मिश्री काफी फायदेमंद और उपयोगी माना गया है l क्योंकि धागे वाली मिश्री की तासीर ठंडी होती है l

जो पेट के अंदर के सभी सिस्टम को ठंडा रखती है l और कब्ज की समस्या को भी खत्म करने का काम करती है l बवासीर से जूझ रहे लोगों के लिए चाहिए कि धागे वाली मिश्री और जौ के आटे के साथ दूध में पकाकर खाली पेट सेवन करें इससे बवासीर में काफी आराम मिलेगा l

धागे वाली मिश्री के अन्य फायदे l

वैसे तो धागे वाली मिश्री कुछ खास समस्याओं में ज्यादा फायदेमंद होता है l मगर क्या आपको मालूम है l धागे वाली मिश्री का इस्तेमाल अनगिनत बीमारियों और शारीरिक समस्याओं में उपयोग किया जाता है l

कभी दवाइयां के साथ तो कभी शरबत में कभी दूध में यह हमारे शरीर को ह कई प्रकार से फायदा पहुंचता है l तो चलिए जानते हैं l धागे वाली मिश्री के फायदे और क्या-क्या हैं l

धागे वाली मिश्री हाथ पैरों के तलवों के जलन को कम करने के लिए काफी फायदेमंद होता है l इसकी तासीर ठंडी होने के कारण यह जलन को कम करने में काफी राहत देता है l

मिश्री गर्मियों में लू लगने से बचाता है l लू लगने की समस्या से बचने के लिए धागे वाली मिश्री का शरबत रोजाना दोपहर में पीना चाहिए l

धागे वाली मिश्री वजन को भी कम करने में काफी फायदेमंद होता है l अजवाइन सौंफ और धागे वाली मिश्री का चूर्ण बनाकर खाने से शरीर से यह शरीर से फालतू चर्बी को बाहर कर देता है l जिसके कारण मोटापा की समस्या से निजात मिलती है l

धागे वाली मिश्री शरीर की सुस्ती दूर करने में भी काफी फायदेमंद होता है l धागे वाली मिश्री और सौंफ को एक साथ खा लिया जाए तो पूरा दिन शरीर चुस्त दुरुस्त रहता है l

अगर गले में खराश और हो तो धागे वाली मिस्त्री और काली मिर्च का पाउडर निरंतर चूसते रहने से गले की खराश दूर हो जाती है l

धागे वाली मिश्री डायरिया में भी काफी राहत देता है l यह पेट और आंतों को ठंडक प्रदान करता है . धागे मिश्री को खांसी के लिए भी काफी उपयोगी माना गया है

क्योंकि धागे वाली मिश्री का औषधीय गुण गले की खराश और खांसी में आराम दिलाने का काम करता है l

धागे वाली मिश्री इम्यूनिटी को बूस्ट करने का भी काम करता है l तथा यह रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ता है l

धागे वाली मिश्री मुंह के छालों को ठीक करने में भी काफी फायदेमंद माना जाता है l

धागे वाले मिश्री के अंदर पाए जाने वाले पोषक तत्व –

अनरिफाइंड रूप मिश्री चीनी का एक अपरिष्कृत(अनरिफाइंड) रूप मिश्री जिसको अंग्रेजी में रॉक सूगर कहा जाता है l यह कई सारे पोषक तत्वों का भंडार होता है l

इसके अंदर कुछ आवश्यक विटामिन और खनिज जो हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी तत्व है l जो ज्यादातर मांसाहारी भोजन में पाया जाता है l

मिश्री के अंदर विटामिन बी अमीनो एसिड पाया जाता है l इसके अलावा इसके अंदर पाए जाने वाले विटामिन की अगर बात करें तो धागे वाली मिश्री में विटामिन ए 1 विटामिन b2 विटामिन b3 विटामिन b6 और विटामिन बी 12 का अच्छा स्रोत होता है l

जो हमारी सेहत के लिए बेहतर होता है l यह फास्फोरस,आयरन ,कैल्शियम जैसे खनिजों से भरपूर होता है l

धागे वाली मिश्री के नुकसान l

वैसे देखा जाए तो धागे वाली मिश्री फायदे के फायदे ही फायदे हैं l मगर मिश्री फिर भी मीठी और मीठे गन्ने के रस से बनाई गई एक क्रिस्टल है l जिसका अधिक सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है l

तो चलिए जानते हैं धागे वाली मिश्री के नुकसान क्या-क्या है l

1. अक्सर डायबिटीज के मरीज धागे वाली मिश्री के फायदे उठाने के लिए इसका अधिक सेवन कर लेते हैं l जो उनके लिए घातक हो सकता है l

2. जिन लोगों को इसमोफीलिया की शिकायत हो उनको धागे वाली मिश्री का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है जो कि इसमोफीलिया में ठंडी चीजें नुकसानदेह होती है l

3. धागे वाली मिश्री का अधिक मात्रा में सेवन करना पाचन क्रिया को प्रभावित कर सकता है l

धागे वाली मिश्री का इस्तेमाल कैसे करें l

धागे वाली मिश्री को कई प्रकार की मिठाइयां व्यंजन तथा दवाइयां में अलग-अलग प्रकार से इस्तेमाल किया जाता है l

1. धागे वाली मिश्री का इस्तेमाल दूध में डालकर पीने से शरीर को ऊर्जा मिलती है l

2. चीनी की जगह मिठाइयों में धागे वाली मिस्त्री का इस्तेमाल किया जा सकता है l

3. अगर बीमारियों से दूर रहना है तो अपनी डेली डाइट के खाद्य पदार्थों में मीठे की जगह धागे वाली मिश्री से बने खीर सेवायियां इस्तेमाल करें l

4. डायबिटीज के रोगी अगर चाय के ज्यादा शौकीन हैं lउन्हें तो धागे वाली मिश्री की बनी चाय का इस्तेमाल करना चाहिए l

5. धागे वाली मिश्री को धनिया सौंफ के साथ कूट कर खाया जाता है l

FAQ.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल l


Q.धागे वाली मिश्री को अंग्रेजी में क्या कहते हैं l


A. धागे वाली मिश्री को अंग्रेजी में Rock sugger रॉक सूगर कहते हैं l


Q. धागे वाली मिश्री की तासीर कैसी होती है l


A.धागे वाली मिश्री की तासीर ठंडी होती है l


Q. क्या ब्लड शुगर के रोगियों को धागा मिश्री खाना चाहिए कि नहीं l


A. अगर ब्लड शुगर नॉर्मल है तो थोड़ी बहुत धागा मिश्री का इस्तेमाल कर सकते हैं l मगर ध्यान रहे की धागा मिस्त्री भी एक प्रकार का शुगर है l जो कि ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल करना ब्लड शुगर के रोगियों के लिए घातक हो सकता है l


Q. धागा मिश्री किस चीज से बनती है l


A. धागा मिश्री गन्ने के रस या फिर खजूर और तार के पेड़ और उसके पत्तों के रस से बनाया जाता है l


Q. धागे वाली मिश्री एक दिन में कितनी मात्रा में ले सकते हैं l


A. धागे वाली मिश्री को 1 दिन में एक चम्मच या दो सकते हैं इससे अधिक नहीं ले सकते हैं l

Disclaimer

हमारे द्वारा सुझाया गया लेख”dhage wali mishri ke fayde!” केवल सुझाव मात्र है लोगों को चीजों के प्रति जागरूक करना ,घरेलू चीजों का उपयोग करना, यह किसी भी तरह से किसी दवा का या बीमारी का इलाज नहीं है l

किसी भी चीज का इलाज करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लें वरना किसी दुष्परिणाम के प्रति सेहत बना डॉट कॉम अपनी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है

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